विद्यार्थी मित्रों,
बड़ी उत्सुकता के साथ उत्तरायण का इंतजार कर रहे होंगे। आपको उत्तरायण की ढेर सारी हार्दिक शुभेच्छाएँ। यह उत्तरायण आप के लिए आनंदमय व् सुरक्षित रहे।
हम सब हर साल की तरह इस साल भी इस बात का ध्यान रखेंगे कि यह उत्तरायण भी सुरक्षित रहे। हम व् अन्य कोई भी जाने अनजाने आहत (घायल) न हो।
मेरे विद्यार्थी मित्रों, आपको अपने लिए केवल इतना करना हैं-
1. बड़ों की उपस्थिति में खुले मैदान में या छत पर पतंग उड़ाएं। पत्तर पर से या पानी की टंकी जैसी जोखिमवाली जगहों से पतंग न उड़ावे। सड़क पर भी पतंग न उड़ाए।
2. पतंग को लूटने का मोह न रखे। ज्यादातर दुर्घटनाएं ईसी वजह से घटती हैं।
3. सप्रमाण कांचवाली दोरी का ही उपयोग करें। चाइनीज़ दोरी व् प्लास्टिक की दोरी का प्रयोग न करें।
4. पतंग को काटकर और कटवा कर ख़ुशी महसूस करें।
5. सुबह 8 बजे के बाद ही पतंग उड़ने छत पर चढ़े व् शाम 5 बजे के बाद पतंग उड़ाना बंद करें।
6. उत्तरायण के दिनों में जब भी दो पहियों वाले व्हीकल पर जाये, अपने गले को मफलर से ढंके।
7. बिजली के खम्भे व् तारों से सुरक्षित अंतर बनाये रखें। याद रखें, जीवन कीमती हैं ; पतंग नहीं।
8. वातावरण में चाइनीज़ गब्बारें न छोड़े। आगजनी जैसी दुर्घटना हो सकती है।
Monday, December 28, 2015
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उत्तरायण की पूर्व संध्या पर छात्रों के नाम सन्देश
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